Pranaam to Guru Ji and Guru Maa (Hindi)

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:: What was in my mind ::
My experience with Guru Shri Pawan Sinha Ji was of, lesser words with greater sense. He usually sits with youths and talk about how we can make a better society for hours. On education, on political reforms, on parenting we were benefitted with his vast and precise knowledge and tips. His spiritual energies are mind boggling and one can feel them while staying at Ashram. Guru Maa - Shreemati Kavita Asthana (His Wife), is a strong lady devoted in her husband's works for the nation and she is like a bridge between Guruji and us. So I am just want to send my Pranaam to Guruji and Guru Maa for all of the love they gave...

गुरू जी मेरे सरल-सुहृदय,
गुरु माँ चपल-चन्द्रिका सी,
गुरु जी शांत समुद्र विशाल,
गुरु माँ बहती गंगा सी।

गुरु जी सिखलाते जीवन,
पर जीवंत बनाती गुरु माँ ही,
गुरु जी ध्यान कराते हैं,
पर ध्यान रखती हैं गुरु माँ ही,
सारा रस, जीवन-तरंग,
हम तक पहुंचाती गुरु माँ ही,
मन से मिलते हम गुरूजी से,
साक्षात् करातीं गुरु माँ ही।

गुरू जी मेरे सरल-सुहृदय,
गुरु माँ चपल-चन्द्रिका सी...

गुरूजी मेरे ये हैं कैसे,
ये मुझे बतातीं गुरु माँ ही,
नित्य रात्रि करते इन्तजार,
पाती भिजवाती गुरु माँ ही,
हम सब पीछे श्री गुरूजी के,
सही राह सुझातीं गुरु माँ ही,
नैया पार कराते श्री गुरूजी मेरे,
पर उसमें छेद बतातीं गुरु माँ ही।

गुरू जी मेरे सरल-सुहृदय,
गुरु माँ चपल-चन्द्रिका सी...

आदर करते सब गुरूजी का,
पर लाड़ लड़ातीं गुरु माँ ही,
व्यक्तित्व बहुमुखी गुरूजी का,
जिसे पूर्ण बनातीं गुरु माँ ही,
गुरु जी-गुरु माँ को नमन मेरा,
गुरु तक पहुंचा दो गुरु माँ जी,
गुरु जी जैसे तो बन न सकेंगे,
स्वयं सा निर्मल बना दो गुरु माँ जी।

गुरू जी मेरे सरल-सुहृदय,
गुरु माँ चपल-चन्द्रिका सी...

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