Jai Ganesh (Hindi)

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:: What was in my mind ::
Lord Ganesha is the God who received right to be prayed before any other God and before starting any work. That's why he is called 'Pratham Poojya' (One who should be prayed first). Without his wish no work can be accomplished. So to avoid all hurdles from work and from life and to gain wisdom and prosperity, we always worship him first. Today is his birthday. So let's welcome him and worship him in a poetry....

हे देव तेरे... नाम हज़ार,
पूजन कर कृपा पाऊँ मैं अपार,
विशालकाय तू, महाकाय तू,
मंगलमूर्ति रूप तेरा,
सहस्त्र कोटि सूर्य प्रभा समान,
तेजोमय है स्वरुप तेरा,
धूम्रवर्ण तू, चारुकर्ण तू,
गज समान है आनन तेरा,
सुन्दर मुख है, कपिल वर्ण है,
वक्री सुण्ड और गज के कर्ण हैं,
उदर विशाल, नेत्र हैं पिंगल,
हस्त मुद्रा करती सब मंगल,
शिव के लाल, गौरी के दुलारे,
अग्रपूज्य तुम देव हमारे,
भाद्र शुक्ल चौथ को तुम आये,
मोदक प्रिय तेरा नाम कहाये,
प्रसन्नचित्त, चिंता से मुक्त तुम,
सभी विशिष्ट गुणों से युक्त तुम,
ललाट चंद्र तुम धारण करते,
चंद्र देव के अवगुण हरते,
राक्षस मूषक है वाहन तुम्हारा,
चरण धूरि से उसको संवारा,
तेरे बुद्धि कला कौशल से,
सारे जग में हुआ उजारा,
ऐसा क्या जो सुलझ न पाए,
कौन शत्रु तुझे रण में हराये,
सबके बिगड़े काम बना दे,
मनवांछित वर सबको दिला दे,
रिद्धि-सिद्धि के तुम हो स्वामी,
बुद्धिमान तुम, अन्तर्यामी,
शुभ और लाभ हैं, सुत ये तुम्हारे,
कृपा दृष्टि ने संकट तारे,
विघ्नविनाशक, मंगलमूर्ति,
ध्यान मात्र से हो इच्छापूर्ति,
विशिष्ट नायक, गणनायक, गणपति,
विघ्नराज, पशुपालक, अधिपति,
तेरी कृपा जो होये गणेश जी,
मिट जाएँ जीवन में कलेस जी,
आओ आओ गणपति-गणनायक,
मेरे बिगड़े काज बनाओ,
अपने बुद्धि-कौशल से प्रभुजी,
मेरी नैया पार लगाओ,
शत्रु ने घेरा है, है चिंताओं का डेरा,
उनका विनाश कर, हमको बचाओ,
राक्षस रूप चंचल मन है मेरा,
धरि अपने पग करो बुद्धि का उजेरा,
आओ पधारो विनायक-विघ्नहर्ता,
आओ विराजो सर्व मंगल करता,
जय जय गनेस सर्व दुःख हर्ता
जय जय गणेश सर्व सुख करता।

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