Kis Vidhi Poojun Nath (Hindi)

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:: What was in my mind ::
After a good sleep when you wake-up early in the morning... before sunrise; it is the time when air is 100 times fresher than any other time of the day. That we call 'Amrit' in the air. We have fresh mind... only good thoughts... positivity... high energy... peace of mind and I believe God always comes to meet us that time. But if we are sleeping that time... we may have good dreams but we lose the freshness, energy and a chance to meet God. But God is great that he waits for us with all his creative nature, freshness and 'Amrit' for the next day... just for us...

किस विधि पूजूँ नाथ... आप आये मेरे द्वारे...,
मैले सारे आसन... कैसे दूँ मैं बिठा रे...

मैंने ही कहा था कल तुम आना,
साफ़ रखुँगी अपना अँगना,
पर निद्रा में स्वप्न जो आये,
मुझको दिया पीछे भगा रे...,
इँह ते उँह तक भगा-भगा के,
मुझको दिया थका रे...

भोर भई, तुम थे आने को,
अमृत वायु मिली थी मुझको,
पर पीने भर की शक्ति नहीं थी,
वो पल दिए गंवा रे...

तुम आये तो मैला था मन,
झूठे पड़े थे रात के बर्तन,
कहाँ बिठाऊँ, क्या मैं खिलाऊँ,
नैनों में अश्रु भरा रे...,

अश्रु बहे, बहा ले गए तुमको,
अब तुम पास नहीं थे,
कल तेरे आने की आस थी मन में,
हम भी निराश नहीं थे,
धुल गया था आँगन,
पावन था मन,
पर तुम चले गए थे,
कल भोर में आने का, फिर से वचन दे,
तुम मुझे छोड़ गए थे,

कभी तो ऐसा भी होगा ओ प्रभुजी!
सपनों से मैं बाहर रहुँगी,
भोर के अमृत से झाड़ कर आँगन,
तेरा ही नाम जपुँगी,
उदयकाल की मिलन वेला में,
तुझसे मिलन करुँगी,
कुछ अपनी कह, कुछ तेरी सुन,
मन में धीर धरुँगी।

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