Krishna Kaun Hai... (Hindi)

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:: What was in my mind ::
Nature is vivid, but the highest saturated color is 'Black'... The color of 'Lord Krishna'. In Sanskrit 'Krishn' means 'Black'. But as a personality 'Krishn' means who attracts. And to a coincidence 'Black' is black because it attracts all the colors till an extent where no other color reflected back to your eyes to view or judge. 'Black' is the powerful 'Black Whole'... attracts every object. 'Black' is the center of this universe. So this poetry is to show the similarities between 'Krishna' and 'Black' to reach on a truth that 'Black' is not simply an invisible color but a complete personality like 'Krishna' has. And his name was 'Krishna' not only because of its dark color, but also because of his character similarities...

कृष्णवर्णी 'कान्हा' या 'कृष्ण' सम काला

कृष्ण तो है वो जो करता है आकृष्ट,
समस्त इन्द्रियों को वश में कर, करवाये काम अभीष्ट।
निश्छल भक्ति का जो है दाता, वही जगत में कृष्ण कहाता,
शिव-विष्णु का रूप वही है, पूर्ण ऊर्जा के साथ जो आता।
साक्षात् परम ब्रह्म वही है, वही है अतुलित बुद्धि का स्वामी,
गौ-गोपियों का प्राणप्रिय वही है, वही है सच्चा अन्तर्यामी।
जगतरूप-जगदीश्वर वो है, वही सृष्टि का आधार,
प्रकृति में बीजस्वरूप वही है, सगुण और साकार।

ये है कृष्ण, तो 'कृष्ण वर्ण' क्या है...
जो 'कृष्ण' के गुण हैं...
क्या 'काला रंग' भी रहा उन्हें समा है?

'कृष्ण' सम 'काला' भी करता है आकृष्ट,
समस्त रंगों को अवशोषित कर बनता है विशिष्ट।
ज्यों सब को समाहित कर, नहीं करे कोई अभिमान,
ऐसे ही अंधकारमय बन, 'काला' नहीं कराता होने का भान।
जहाँ कुछ नहीं, वहाँ भी वो है, बन प्रकृति का अभिन्न अंग,
जब कुछ न था इस धरा पर, तब भी फैला था ये ही रंग।
आज भी जिस अनजान शक्ति से ब्रह्माण्ड है बँधा हुआ,
उसके केंद्र में है काल-छिद्र विकराल रूप में पड़ा हुआ,
उसने ही बाँध रखा है, दूर-दूर के पिण्डों को,
वो ही उनके सृजन का कारण और लील जायेगा वो सबको।

क्या ब्रह्मा-विष्णु-महेश सा नहीं उसका व्यवहार,
क्या पूर्ण ऊर्जा का स्रोत वो नहीं, कृष्ण रूप अवतार?
तो क्या कृष्ण कथा है उपमान-उपमेय से रची हुई,
ब्रह्माण्ड की कथा क्या है, अलंकारों से सजी हुई?

'कृष्ण' के अवतार को मन में विचार लो,
इस ब्रह्माण्ड में उनकी कथा को सार लो,
तो 'कृष्ण', रंग से कहीं आगे एक व्यक्तित्व बन जायेगा,
'कृष्ण' को समझने का आनन्द तब ही तो आयेगा।
'कृष्ण' के 'काले' और 'राधा' के 'प्रकाश' से तब,
तुम्हारा मिलन छन भर में ही हो जायेगा।

कृष्ण के काले और राधा के प्रकाश से तब,
तुम्हारा मिलन छन भर में ही हो जायेगा...

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