Aaj Man Khamosh Hai... (Hindi)

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:: What was in my mind ::
Sometimes you just want to be silent... to watch the world... May be you are in a deep thought.... but you are just silent.

आज मन खामोश है, तो क्या ख़ामोशी में खनकार न होगी,
आज कलम भी रुकी हुई है, तो क्या रुकी कलम से बात न होगी,
आज रात में है बहुत अँधेरा, तो क्या उजियारे की आस न होगी,
आज सुस्त है कवि मन मेरा, तो क्या कविता की बरसात न होगी,
आज हूँ तनहा गुमशुदा सी, तो क्या खुद की कोई तलाश न होगी,
आज सोच रही हूँ कि मैं क्या हूँ, तो क्या खुद से मेरी मुलाकात न होगी,
बहुत दूर हूँ साहिल से तो क्या, मझधारों में कोई बात न होगी।

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