Diye Ki Lau (Hindi)

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:: What was in my mind ::
Random thoughts were coming into my mind when I was worshiping God. Sometimes we are happy and the lamp / Diya we lit in front of God also seems happy and when we are sad, it doesn't seems with enough light. It is like... it is presenting my conscience as is in front of God.

दिये की लौ

दिये की लौ,
मेरे मनोभावों सी,
कभी अदम्य,
कभी वो मद्धम,
कभी चंचल अनुरागों सी,
कभी खुद जलती,
कभी जलाती,
कभी विरक्ति दर्शाती सी,
चाहे जो, चाहे हो जैसी,
पर सदा प्रकाश फैलाती सी,
उज्ज्वल सी वो,
निर्मल सी वो,
ईश्वर के लिए स्थान बनाती सी,
निराश मन में,
आशा भर दे,
ऐसी कान्ति बिखराती सी,
दिये की लौ,
मेरे मनोभावों सी,
जैसी हूँ,
वैसा दिखाती सी।

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