Pita Aur Ishwar (Father and God) (Hindi)

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:: What was in my mind ::
I saw a little girl of 1 year who was standing on a table and jumped in father's hands because she knew her father will definitely catch her...
A little kid also believe that someone will always be there to save him. He even take his life risk sometimes... We call it his innocence, but can't we show that same innocence for the whole life... God is our father and definitely save us, if we believe. But can we believe...

तेरा तेरे नन्हे क़दमों से चल,
पापा की गोद में चले जाना,
और प्यारी सी मुस्कान से,
अपनी विजयगाथा को सुनाना,
वो मम्मी-पापा की पकड़ पर तेरा यकीं,
कि हवा में पैर रखने से भी तू अब डरती नहीं,
तुझे पता है कि वो हैं यहीं-कहीं,
तेरे हर गलत कदम को, सही दिशा पाने का यकीं,
और क्या जो गिर भी गए तो …
एक किलकारी और मम्मी की गोद प्यारी-प्यारी,
हाय ये बचपन …
कितना उन्मुक्त, कितना प्यारा,
ना फिक्र, ना कोई गम और जीवन प्यारा-प्यारा|

काश ता-उम्र हम ईश्वर पर भी कर पाते यही विश्वास,
तो हँसते ही रहते जब तक रहती तन में श्वाश,
करते तो हम भी हैं वही...
दो कदम चलने पर, अपनी विजयश्री का यकीं,
फिर सुनाते हैं अपनी विजयगाथा,
और रो-रो कर बुलाते हैं ईश्वर को,
जो जीवन में कोई तूफ़ान आता,
लेकिन बस वो यकीं नहीं दिखा पाते,
हर कदम को थामेगा ईश्वर,
ये सोच ही नहीं पाते,
सोचो …
उस ईश्वर को भी होती होगी कितनी ख़ुशी,
हमारे हर सही फैसले पर हमारे बड़े होने का यकीं,
और बड़े हो अपनी दुनिया में मगन,
और ईश्वर को भुला दिए जाने का गम भी,
लेकिन कोई नहीं...
वो जानता है...
फिर इक तूफां आएगा,
जब याद उसे किया जाएगा,
और बिना किसी बैर, किसी स्वार्थ के,
इक पिता की तरह ही वो हमें बचायेगा …
वो शर्तिया हमें बचाएगा…

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1 Comments:



  1. Tejpal
    Maze as Gaye... Waiting for More