Pita ka Pyar (Father's Love) (Hindi)

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:: What was in my mind ::
Poetry not necessarily a note of typical rhythmic words for which one needs to take up a dictionary in hand... it could be as simple as a thought... as light as a feather and as powerful as a sharp arrow. So here comes a thought of a father, who does equal love as mother but society only recognizes mother's love and sacrifice. May be children forget, may be nobody recognizes, but God is there to count every good deed. So not to worry, just do your job...

# एक जंगल ऐसा भी

बड़े प्यार से किसी पिता ने
बेटे जी के सुख की ख़ातिर
बना दिया है प्यारा जंगल
ताकि बच्चे छोड़ें दंगल।
कहीं पे बंदर, कहीं बघेरा,
कहीं डला है शेर का डेरा,
कहीं पे हाथी, कहीं हिरण है,
नदी में पड़ती सूर्य किरण है।
जुगत लगा कर, चीज़ बचा कर,
जोड़-तोड़ कर बना है सारा,
प्यारे बच्चे भूल भी जायें,
याद रखेगा बाप हमारा।
माँ की ममता अपनी जगह है,
बाप के प्यार का नाम नहीं है,
सारे दिन की थकान के बाद,
रातों को उसका काम यही है।
गुमनामी ही उसे मिलेगी,
भूल जाएंगे इस प्यार को इक दिन,
याद रखेगा परमपिता पर,
उसके प्यार को तारे गिन-गिन।

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