Shreshthta :: Excellence (Hindi)

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:: What was in my mind ::
Fighting is not always bad... if it is not hurting anybody by thoughts, words and by action. When you fight for 'Real Excellence' it only takes humanity on new heights and this is the only race where no matter you win or lose.... you will feel happy that humanity wins...

हाँ मैं एक मानव हूँ और लड़ती हूँ...
कभी ये लड़ाई मेरी अपने आप से होती है, तो कभी अपने परिवार से,
तो कभी परिवार के लिए मैं लड़ रही होती हूँ, अपने दूर के रिश्तेदार से।
कभी अपने कर्मों से, अपने वृहत परिवार की श्रेष्ठता साबित करती हूँ ,
तो कभी अपनी जाति की महानता के लिए धर्म के कार्य करती हूँ।
कभी अपने नगर की प्रतिनिधि बन, दिखाती हूँ नगर का जोश,
कभी दुश्मन देश के नापाक इरादों पर प्रकट करती हूँ मन का रोष।
कभी देशहित में आने लगते हैं मेरे मन में विचार,
तो कभी प्राकृतिक आपदाओं में मेरा हो जाता है पूरा संसार।
कभी देशवासियों की विजय पर बजा रही होती हूँ ताली,
तो कभी विज्ञान की नई खोज पर कर रही होती हूँ आँखों से आँसू खाली।
हाँ मैं लड़ती हूँ और स्वयं को श्रेष्ठ साबित करती हूँ...
कभी स्वयं में, तो कभी समूह में, तो कभी-कभी सम्पूर्णता में।
पर हाँ मेरे प्रयास होते हैं ‘श्रेष्ठता’ की ओर...
और जब आप सच्चे मन से सही शब्दों में ‘श्रेष्ठ’ बन रहे होते हैं,
तो आप अपने और सम्पूर्ण मानव जाति के काम आते हैं,
किसी को मन-कर्म-वचन से हानि नहीं पहुँचाते...
आप बस विकसित होते हैं... और विकसित करते हैं।
तो आइये आप सभी आइये,
इस ‘श्रेष्ठता की दौड़' में मेरे साथ आइये,
मुझे पीछे छोड़ आगे जाइये...
क्यूँकि आप जीतें या मैं, उद्देश्य पूरा होगा मेरा ही...
क्यूँकि मैं एक मानव हूँ और लड़ती हूँ...
ये सबसे प्यारी ‘श्रेष्ठता की दौड़'।

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