You look, you observe, you understand. You think, you imagine, you associate. You feel, you insight and you express... In words... In writings. This is what I want to share here. So 'Feelings' are my insights, experiences and perspective to look this world and beyond. Come and feel what I was feeling....

Prayer to Goddess Durga :: 2 (Hindi)

हे माँ तुझे चढाने को मैं फूल कहा से लाऊँ,
ऐसा क्या मैं दूँ तुझे मैया, जिसको अपना बताऊँ,
जग की हर वस्तु है तेरी, तो क्या, तेरा तुझे समर्पित,
क्या है कुछ भी ऐसा जग में, जो कर पाऊँ मैं अर्पित,

हे मेरी माँ! वैसे तो ये तन-मन-धन सब है तेरा,
तेरी बुद्धि से ही बनी पापी, तो कभी किया जग में उजेरा,
तो हे मेरी माँ! ये उपज थी मेरी, करती आज समर्पित,
मेरा पाप-पुण्य सब तेरा, तेरा तुझको अर्पित।

हे माँ! कल्पना से ही मैंने जाना, कि तू दिखती है कैसी,
तो करती कल्पना आज समर्पित, मिल जा मुझको वैसी,
जहाँ कल्पना चल ना पाई, वहां जिज्ञासा थी मैंने लगाई,
नरक-स्वर्ग सब दिखे उसी से, सो आज उसे भी लाई,
मेरी जिज्ञासा, ज्ञान-अज्ञान ये मेरा, करती तुझको अर्पण,
विनय और बड़े प्रेम भाव से, स्वीकार करो ये समर्पण।

हे माँ! इच्छा उपजी भीतर, जिसने मुझे फंसाया,
कभी काम बन, कभी क्रोध बन, मन को खूब नचाया,
कभी सौंदर्य बोध ने बांधा, कभी ये मन ललचाया,
तो कभी ख़ुशी ने खिला-खिला के तुझसे दूर कराया,
तो हे मेरी माँ! उस काम-क्रोध को भी करती आज समर्पित,
कभी ये तुझसे मिलन का कारण, कभी करता मुझको गर्वित।

हे मेरी मैया! वैमनस्य ही था मेरा, भीतर से मुझको काटे,
तू बाहर थी खड़ी द्वार पे, पर ये मुझको था बांटे,
तो हे मेरी माँ! करूँ आज समर्पण, मेरे सारे द्वेष और बैर,
तू भीतर अब आजा मैया, धर हृदय में पैर।

ध्यान, इच्छा, बुद्धि, जिज्ञासा, और मेरा सब ज्ञान,
हे माँ! करती आज समर्पण मेरा सारा मान,
सारी कलाएं थीं दी तूने मुझे, मैंने कर दीं विकृत,
पुनि करती हूँ आज मैं अर्पित, कर दे उनको सुकृत।

हे मेरी माँ! नहीं फूल हैं कोई, बस कांटे हैं मेरे पास,
इन्हीं काँटों को करके अर्पित, है मिलन की मेरी आस,
सबसे1



Nazaren :: Eyes (Hindi)

एक नज़र कहती रुक जा,
एक नज़र कहती बढ़ जा,
हर एक नज़र से देख नज़ारे,
अब भूल रही अपनी नज़रें,
हैं इन नज़रों में ख्वाब कई,
कुछ रंग भरे मेरे मन के हैं,
फिर क्यूँ कहतीं ये नज़रें हैं,
तू भूल उन्हें, मत देख वहाँ।

क्यूँ मुझको जो मंज़िल लगती है,
उसे राह का पत्थर कहतीं नज़रें,
बूढ़ी नज़रें, अपनी नज़रें,
हैं रही डरा मेरी नज़रों से,
जो नज़र मेरी दे रही धोखा,
है सच वो नहीं जो मैंने देखा,
तो भी मैं रहूंगी साथ सदा,
मेरी नज़रों और नज़ारों के।

जो ये नज़रें नहीं होतीं तो,
कैसे दिखतीं बाकी नज़रें,
है नमी आज भी नज़रों में,
पर डर है नहीं किसी नज़रों से,
मेरे अपनों से मिली नज़र,
है नाज़ मुझे इन नज़रों पे,
देखने दो मुझे, अब मत रोको,
जो ख़्वाब बसे मेरी नज़रों में,
बस रखो यकीं मेरी नज़रों पर
ना झुकाऊँगी, ना झुकने दुँगी।

आपकी ही नज़र, है मेरे भीतर,
बतलाती सब सही गलत मुझे,
है मुझको बस उसपर ये यकीं,
लाएगी बचा वो हर मुश्किल से,
नज़र तो है वही मेरी भी,
बस नजरिया ज़रा थोड़ा बदला है,
मेरे नज़रिये से देखो जरा,
क्यों नज़र नज़र में हैं फर्क कई।

तेरी नज़रें, मेरी नज़रें,
करती रहतीं हैं बात कई,
पर मेरे ख्वाबों से कटती हैं,
नज़रों-नज़रों में रात कई,
इसीलिए आगे अब मैं हूँ बढ़ती,
ले साथ लिए सबकी नज़रें,
पर नज़रिया आज भी हूँ रखती,
मेरे ख्वाबों का, मेरे नजारों का…

There are a lot of issues Today's Woman is facing and I want to share her voice with you guys... Kindly read it.

Human eye speaks a lot and reads a lot. Sometimes it shows happiness, sometimes anger and sometimes grievances... It judges situation and other person. In India, girls are still in a misery and restricted condition. They do not have1



Prayer to Goddess Durga (Hindi)

बसो मैया मेरे भीतर, सदा-सर्वदा वास करो।
मन की गति बन, मेरी सुमति बन, सदा मेरा तुम विकास करो।

मेरे मन की शक्ति तुम हो, हृदय में बसी भक्ति तुम,
वाणी की मधुरता तुम हो, सुर-साम्राज्ञी देवी तुम।

तुम से ही माँ, दश विद्याएं, नौ निधि सब तेरे आधीन,
अष्ट-सिद्धि की दाता मैया, व्याधि-विनाशिनी दोष विहीन।

ओ मेरी मैया, सामने आना, साथ में मेरे रहना सदा,
सब अपराध क्षमा कर मैया, मेरी तुम विनती सुनना।

कुमार्गगामी, मैं खलकामी, तुमको ना पहचानी माँ,
पर तुम मेरी शक्ति-स्वरूपा, तुम हो अंतर्यामी माँ।

तुमने ही संसार बनाया, सब रचना तेरे आधीन,
मेरी रचना का विकास कर, बना मुझे तू पूर्ण स्वाधीन।

तेरे ही चित्र उकेरूँ प्रतिपल, तेरा ही गान मैं गाऊँ माँ,
जग में कुछ ऐसा कर पाऊँ, कहलाऊँ तेरी 'आभा'।

तेरे ही कार्यों में शोभा पाऊँ, बना रहे सदा साथ तेरा,
इस जनम और हर एक जनम में, सिर पर हो माँ हाथ तेरा,

माँ बना रहे विश्वास मेरा, माँ सिर पर हो सदा हाथ तेरा...



Atal :: Expressions of Heart (Hindi)

बालपन से तरुणाई,
और तरुणाई से जवानी,
हर कदम पिछले से आगे,
यादगार और मुश्किल,
फिर घिरी हूँ संघर्षों में,
पहले से और सघन हैं ये बादल,
पर यकीन है बरसेगा सावन,
यकीन होता जा रहा है,
खुद पर और ईश्वर पर,
वो न हारेगा, न हारने देगा,
संघर्ष मेरी नीयती है,
और उससे बाहर लाना,
ईश्वर का फैसला,
और मैं मेरे संघर्ष पर और ईश्वर अपने फैसले पर,
अटल हैं और रहेंगे।