Vande Matram (Hindi)

देख आँखों में अश्रु नहीं,
मन के मेरे अंगारे हैं,
यूँ आतंकी हमलों में मरने को नहीं,
भारत माँ ने बेटे सँवारे हैं,
अब जवाब देना होगा तेरे नापाक़ इरादों को,
हम धैर्यवान हैं, बुझदिल नहीं,
यहाँ सब हाथों में तलवारें हैं।

हर बार तू अंदर आया है,
धोखे से हमें सताया है,
पर शायद तुझको ये भान नहीं,
'वन्दे मातरम्' की शक्ति का ज्ञान नहीं,
ये शब्द नहीं, ये धड़कन है,
ये जन-जन का अंतर्मन है,
भारत माँ का आह्वान है,
एक पूजा है, एक अनुष्ठान है,
तू भूल गया कारगिल का युद्ध,
माता ने विफल किये थे तेरे आयुध,
उस माँ के बच्चों को सताता है,
तू सच में अपनी मौत बुलाता है,
अब नहीं बचा समय जो कहूँ तू डर जा,
अब तो बस कहती हूँ तू मर जा,
जो बाप है तेरा उसको भी ले आ,
ला बतलाऊँ तेरी औकात है क्या,
हर दिल हर धड़कन कहती है,
लड़ ले और मुँह की खा के जा।

जिसके बारे में कहते थे,
सूर्य अस्त नहीं होगा इसका कभी,
उसको भी धो डाला था,
फिर तेरी तो बिसात है क्या,
सल्तनतें आईं और फ़ना हुईं,
मेरी हस्ती न मुझसे जुदा हुई,
तिनके सा तू उड़ जाएगा,
चीन भी तुझे बचा ना पायेगा,
बस ध्यान मग्न हैं मेरी देवी माँ,
उनको ना तू ललकार यहाँ,
भारत माँ जो उठ आईं तो,
सोच तेरा फिर होगा क्या।

वन्दे मातरम् मैं कहती हूँ,
वन्दे मातरम् सब बोलो यहाँ,
चलो यज्ञ में आहूति दो,
प्रसन्न होओ मेरी भारत माँ,
हे वीर! तुम अकेले नहीं सरहद पर,
जरुरत पड़ी तो हम सब हैं यहाँ,
ना हाथ कम होंगे, ना ही तलवारें,
चलो मिलकर दुश्मन को ललकारें,
दो-दो हाथ करें, छापे मारें,
आतंकियों को ही नहीं, आतंकी देशों को भी,
आओ सबक अब सिखा डालें,
वन्दे मातरम् , जय जय भारत,
सब जन मिलकर1